Hostinger Cyber Security Failure: क्या सेंट्रलाइज्ड रजिस्ट्रार पर आपकी डिजिटल वित्तीय संपत्तियां (Digital Assets) सुरक्षित हैं?

दिन 1: प्राथमिक डिजिटल वेरिफिकेशन और होस्टिंगर फ्रंट-लाइन सपोर्ट का 100% पक्का भरोसा

जब मेरा मुख्य डोमेन loverummyapp.com अनाधिकृत तरीके से (Unauthorized Access) और साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से एक शातिर हैकर (जिसका नाम संदीप है) द्वारा चुरा लिया गया, तो मैंने बिना एक मिनट गंवाए होस्टिंगर की कस्टमर सक्सेस टीम से संपर्क किया।

शुरुआत में होस्टिंगर के सपोर्ट फ्रंट पर मौजूद एजेंट आसिफा और डिएगो ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया, जो कि उनकी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का हिस्सा माना जाता है। उन्होंने मुझसे डोमेन के मालिकाना हक को साबित करने के लिए दस्तावेज मांगे। मैंने उन्हें डोमेन की मूल कस्टडी और अपनी नागरिकता साबित करने के लिए अपना आधार कार्ड ([Aadhaar Redacted]), पैन कार्ड (PAN Card), 2 अलग-अलग बैंकों के आधिकारिक डिजिटल स्टेटमेंट्स (2 Bank Statements), और पते के वेरिफिकेशन के लिए अपने जियो सिम का आधिकारिक स्टेटमेंट (Jio Sim Statement) सौंप दिया। इसके अलावा, मैंने डोमेन खरीदने के पहले दिन की ओरिजिनल डिजिटल परचेज रसीदें (Original Purchase Invoices) और ट्रांजैक्शन आईडी भी उनके सामने रख दीं।

इन सभी पक्के, कानूनी और अकाट्य सबूतों की गहन जांच करने के बाद होस्टिंगर की लाइव चैट सपोर्ट टीम पूरी तरह से आश्वस्त हो गई कि मैं ही इस डोमेन का असली, एकमात्र और वैध मालिक हूँ। इसके तुरंत बाद, कड़ा एक्शन लेते हुए होस्टिंगर की टेक्निकल टीम ने शेयर किए गए सबूतों के आधार पर बैकएंड से कार्रवाई की और हैकर का पुराना गोडैडी (GoDaddy) वाला रूटिंग, नाम सर्वर्स (Name Servers) और होस्टिंग कनेक्शन पूरी तरह से ब्लॉक करके काट दिया।

इसके तुरंत बाद वेबसाइट लाइव इंटरनेट से हट गई और वहां पर NXDOMAIN (Site can't be reached) का एरर शो होने लगा। एजेंट डिएगो ने मुझे लिखित में और आधिकारिक तौर पर यह पक्का आश्वासन दिया कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर यह डोमेन पूरी तरह से री-सिंक करके मेरे सुरक्षित और प्रमाणित होस्टिंगर अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

1.5 महीने का सुरक्षा वैक्यूम: होस्टिंगर की वो घोर लापरवाही जिसने हैकर को रास्ता दिया

अब यहाँ पर होस्टिंगर की उस सबसे बड़ी और अक्षम्य सुरक्षा चूक का खुलासा होता है, जो किसी भी कॉरपोरेट गवर्नेंस के सिद्धांतों के खिलाफ है। पिछले 1.5 महीने से अधिक समय से मैं लगातार होस्टिंगर सपोर्ट के संपर्क में था और उन्हें चीख-चीख कर लिखित में चेतावनी दे रहा था कि मेरा डोमेन चोरी हो चुका है और इस पर गंभीर साइबर फ्रॉड चल रहा है।

एक रजिस्ट्रार के तौर पर जब आपको यह पता चल जाता है कि कोई डोमेन विवादित है और उस पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट की गई है, तो सबसे पहला और बुनियादी सुरक्षा कदम यह होता है कि उस डोमेन पर तुरंत ‘रजिस्ट्रार ट्रांसफर लॉक’ (Transfer Lock / clientTransferProhibited) लगा दिया जाए, ताकि कोई भी उसे उस प्लेटफॉर्म से बाहर न ले जा सके।

लेकिन होस्टिंगर की कम्प्लायंस टीम एक गहरे सुरक्षा वैक्यूम में सोती रही। उन्होंने मेरे डोमेन पर ट्रांसफर लॉक एक्टिव नहीं किया! होस्टिंगर की इसी ढीली सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी लापरवाही का सीधा फायदा उठाकर उस शातिर हैकर संदीप ने डोमेन को चुपके से होस्टिंगर के प्लेटफॉर्म से बाहर ट्रांसफर करके GoDaddy पर मूव कर दिया। जो डोमेन होस्टिंगर की कस्टडी में सुरक्षित होना चाहिए था, वह उनकी लापरवाही की वजह से प्लेटफॉर्म छोड़कर बाहर चला गया।

दिन 2: होस्टिंगर की सुस्ती और खुद गोडैडी (GoDaddy) से सीधे बातचीत का सच

जब शुरुआती 48 घंटे का समय बीत गया और डोमेन मेरे होस्टिंगर डैशबोर्ड में दिखाई नहीं दिया, तो मैंने दोबारा होस्टिंगर सपोर्ट को पिंग किया। अब कहानी में एक नया टेक्निकल मोड़ आ चुका था क्योंकि डोमेन अब होस्टिंगर के हाथ से निकलकर गोडैडी पर जा चुका था। होस्टिंगर के अधिकारी बार-बार यह बहाना बना रहे थे कि वे गोडैडी से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुस्त रफ्तार के कारण कोई प्रगति नहीं हो रही थी।

जब मुझे पूरी तरह अहसास हो गया कि होस्टिंगर की टीम सिर्फ समय बर्बाद कर रही है और अपनी गलती छुपा रही है, तो मैंने खुद एक निवेशक के तौर पर सक्रिय होकर GoDaddy की ट्रांसफर डिस्प्यूट टीम से सीधे उनके आधिकारिक सपोर्ट सेंटर पर मोर्चा संभाला। मैंने उनके सामने अपनी ओनरशिप के सारे साक्ष्य रखे और एक औपचारिक क्लेम दर्ज किया, जिसे गोडैडी सिस्टम में Claim ID: DCU101376714 के रूप में पंजीकृत किया गया।

गोडैडी की टीम ने एक ज़िम्मेदार रजिस्ट्रार की तरह काम करते हुए मेरे सबूतों का तुरंत तकनीकी ऑडिट किया और बहुत ही कम समय में मेरी शिकायत पर एक्शन लेते हुए बकायदा स्टेटस अपडेट दिया:

“Your claim has been reviewed and resolved. Appropriate action has been taken.”

गोडैडी ने मेरी क्लेम आईडी के आधार पर तुरंत उस डोमेन को अपने एंड पर पूरी तरह फ्रीज कर दिया और मुझे Incident ID: 935631 जारी की। गोडैडी की डिस्प्यूट टीम ने स्पष्ट शब्दों में ईमेल पर लिखकर दिया कि इस ट्रांसफर की फ्रॉड जांच को आगे बढ़ाने और डोमेन को वापस लाने के लिए पिछले रजिस्ट्रार (Hostinger) को गोडैडी की आधिकारिक ईमेल आईडी transferdisputes@godaddy.com पर एक रिक्वेस्ट भेजनी होगी। यानी रास्ता बिल्कुल साफ़ था, लेकिन होस्टिंगर की कम्प्लायंस टीम अपनी गलती सुधारने के लिए गोडैडी को वह आवश्यक ईमेल भेजने में ही दिनों का समय लगा रही थी।

इस पूरे 2 महीने से अधिक के कार्यकाल के दौरान, मैंने होस्टिंगर की टीम के साथ 460 से अधिक चैट्स और ईमेल्स (460+ Chats & Emails) किए हैं, जो इस बात का गवाह है कि मैंने उनके हर तकनीकी सवाल का जवाब दिया है।

दिन 3: एक ही दिन में दोहरे बयानों का विरोधाभास और कम्प्लायंस टीम का यू-टर्न

होस्टिंगर के आंतरिक मैनेजमेंट और फैसले लेने की लचर प्रक्रिया का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सबूत तब सामने आया, जब एक ही ईमेल थ्रेड के भीतर उनके दो अधिकारियों ने एक ही दिन में दो बिल्कुल विपरीत बातें कहीं। यह विरोधाभास स्क्रीनशॉट 1000081926_2.jpg में पूरी तरह से ऑन-रिकॉर्ड दर्ज है:

  • सुबह 5:57 AM पर (कस्टमर सक्सेस टीम की सदस्य Ida का ईमेल): ईडा ने मुझे बेहद सहानुभूति पूर्वक ईमेल लिखा कि वे मेरी परेशानी को पूरी तरह समझ रही हैं कि वेबसाइट इतने लंबे समय से ऑफलाइन है। उन्होंने साफ़ शब्दों में लिखा: “Our Compliance team is still in the middle of their review and coordination with the third party. Because this involves a manual sync and external clearance, we are waiting for that final signal to credit the domain to your account.” यानी सुबह के समय होस्टिंगर खुद मान रहा था कि वे डोमेन को मेरे अकाउंट में वापस डालने (Credit करने) के लिए अंतिम सिग्नल का इंतज़ार कर रहे हैं।
  • दोपहर 3:33 PM पर (कम्प्लायंस अधिकारी Tomas का ईमेल): ठीक कुछ घंटों बाद, दोपहर में उसी ईमेल थ्रेड में कम्प्लायंस विभाग का एक सीनियर अधिकारी टॉमस (Tomas) सीधे सामने आता है और पूरी कहानी को ही पलट देता है। टॉमस ने जो ईमेल भेजा (जैसा कि स्क्रीनशॉट 1000081944.jpg में स्पष्ट है), उसने मेरे होश उड़ा दिए। टॉमस ने सीधे शब्दों में हाथ खड़े करते हुए लिखा कि उनकी आंतरिक जांच और गोडैडी के साथ किए गए कोआर्डिनेशन के अनुसार, वर्तमान में डोमेन जिसके पास है (यानी हैकर संदीप), उसने कुछ ऐसे दस्तावेज होस्टिंगर के सामने पेश किए हैं जो इस डोमेन ट्रांसफर को कानूनी रूप से ‘वैध’ (Legitimate Registrant) ठहराते हैं! इसलिए, होस्टिंगर की नीतियां अब इस डोमेन को वापस मेरे अकाउंट में ट्रांसफर करने या इस मूव को रिवर्स करने की स्थिति में नहीं हैं।

टॉमस ने अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह पल्ला झाड़ते हुए मुझे यह अजीबोगरीब सलाह दे डाली कि… मैं सीधे अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन (Cyber Cell) में जाऊं या फिर इंटरनेशनल डोमेन विवाद संस्था के पास जाकर एक महंगा UDRP Dispute केस फाइल करूँ।

सुबह डोमेन वापस करने का भरोसा देना और दोपहर में अचानक चोर के जाली कागजात को ‘वैध’ मानकर असली मालिक के साथ विश्वासघात कर देना—यह किसी भी मल्टीनेशनल कॉरपोरेट हाउस के कम्प्लायंस सिस्टम की सबसे बड़ी विफलता है।


🕵️‍♂️ हैकर “संदीप” के दावों और उसके व्हाट्सएप स्टेटस का पूरा फॉरेंसिक पोस्टमार्टम

अब यहाँ पर यह समझना बेहद जरूरी है कि वह शातिर हैकर संदीप आखिर बैकएंड पर क्या चाल चल रहा था और होस्टिंगर की लीगल टीम किस तरह उसकी बचकानी जालसाजी का शिकार हो गई। टॉमस का यह निराशाजनक ईमेल आने से कुछ ही घंटे पहले, उस हैकर ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर loverummyapp.com के डाउन होने का स्क्रीनशॉट बकायदा पोस्ट किया था। उसने स्टेटस में लिखा:

“पापा को बोलो थोड़ा आराम करे… फिर से लौटेगा और धमाका करेगा, उस लिये बंद किये हे।”
“उस के जैसे पता नही कितना हे मेरे पास, जितना तुम हारा पापा सपना भी नही देखे होगे…”

इस हैकर के खुद के लिखे हुए इन कबूलनामों का अगर हम तकनीकी और कानूनी रूप से पोस्टमार्टम करें, तो दो बातें पूरी तरह शीशे की तरह साफ़ हो जाती हैं:

  1. हैकर का सरेआम झूठ और डींगें हांकना: अपने व्हाट्सएप स्टेटस में वह अपनी चोरी पकड़े जाने के डर से अपनी इज्जत बचाने के लिए कह रहा है कि उसने “धमाका करने के लिए साइट को खुद बंद किया है”। जबकि तकनीकी सच (Technical Fact) यह है कि होस्टिंगर की सपोर्ट टीम ने मेरे ओरिजिनल परचेज बिल और 460+ चैट्स के सबूत देखने के बाद पहले ही दिन बैकएंड से उसका गोडैडी का कनेक्शन और नेम सर्वर्स काट दिए थे, जिसकी वजह से साइट बंद हुई थी। हैकर के पास साइट बंद करने का कोई मैन्युअल कंट्रोल उस समय बचा ही नहीं था। वह केवल अपनी कमजोरी छुपाने के लिए झूठ बोल रहा था।
  2. कागजातों की भारी जालसाजी (Document Forgery): जैसे ही होस्टिंगर की सपोर्ट टीम ने पहले दिन हैकर का रूटिंग ब्लॉक किया, हैकर संदीप को समझ आ गया कि उसका गेम ओवर होने वाला है। उसने अपनी चोरी को वैध साबित करने के लिए रातों-荒 मेरे नाम का कोई फर्जी “डोमेन सेल एग्रीमेंट” (Domain Sale Agreement), मेरे जाली इलेक्ट्रॉनिक दस्तखत (Fake Digital Signature), या किसी पुरानी व्हाट्सएप चैट का फर्जी और एडिटेड स्क्रीनशॉट बनाकर होस्टिंगर की लीगल टीम को ईमेल के जरिए सबमिट कर दिया।

सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि होस्टिंगर के पढ़े-लिखे लीगल एक्सपर्ट्स ने मेरे द्वारा दिए गए देश के सबसे प्रामाणिक सरकारी पहचान पत्रों (आधार, पैन), ओरिजिनल बैंक स्टेटमेंट्स और प्रमाणित टेलीकॉम इनवॉइस (जियो बिल) को दरकिनार करके, उस साइबर चोर द्वारा रातों-रात फोटोशॉप या एआई टूल्स से तैयार किए गए जाली और फर्जी पीडीएफ कागजों को सच मान लिया! यह उनकी सुरक्षा ऑडिट व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।


🔍 Whois डेटा का लाइव तकनीकी पोस्टमार्टम: चोर गोडैडी पर पूरी तरह लॉक है!

होस्टिंगर और हैकर के झूठ को सौ प्रतिशत बेनकाब करने के लिए जब हमने loverummyapp.com का लाइव Whois Record निकाला (जैसा कि स्क्रीनशॉट 1000081480.jpg में पूरी तरह से स्पष्ट है), तो जो तकनीकी हकीकत सामने आई, उसने होस्टिंगर की लीगल टीम के दावों की धज्जियां उड़ा दीं:

Whois फील्डलाइव तकनीकी डेटा (Source: 1000081480.jpg)वित्तीय/तकनीकी विश्लेषण
RegistrarGoDaddy.com, LLCडोमेन वर्तमान में गोडैडी की कस्टडी में है, होस्टिंगर से बाहर जा चुका है।
Registrant NameRegistration Private (Domains By Proxy, LLC)हैकर ने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए प्राइवेसी प्रोटेक्शन का सहारा लिया है।
Domain Status 1clientTransferProhibitedरजिस्ट्री लॉक: डोमेन को किसी अन्य रजिस्ट्रार पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।
Domain Status 2clientDeleteProhibitedडिलीट लॉक: डोमेन को सिस्टम से डिलीट या ड्रॉप नहीं किया जा सकता।
Domain Status 3clientUpdateProhibitedअपडेट लॉक: डोमेन के मुख्य मालिकाना हक के डेटा में कोई बदलाव नहीं हो सकता।

यह Whois रिकॉर्ड इस बात का सबसे बड़ा और अकाट्य तकनीकी सबूत है कि डोमेन अभी भी गोडैडी के कस्टडी होल्ड पर अटका हुआ है और ट्रांसफर पूरी तरह से फ्रीज है। जब गोडैडी ने हमारी क्लेम आईडी पर कार्रवाई करते हुए एसेट को सुरक्षित रूप से फ्रीज कर रखा है, तो होस्टिंगर का कम्प्लायंस विभाग अपनी सुस्ती के कारण अगला कदम उठाने से कतरा रहा है।


🏛️ अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्था (ICANN) का दखल और होस्टिंगर पर बढ़ता दबाव

होस्टिंगर के इस एकतरफा और अन्यायपूर्ण रवैये को देखते हुए, मैंने डोमेन मैनेजमेंट की वैश्विक नियामक संस्था ICANN (Internet Corporation for Assigned Names and Numbers) के समक्ष एक आधिकारिक और कानूनी शिकायत दर्ज कराई है, जिसे ICANN Case #01597047 के रूप में पंजीकृत किया गया है।

वैश्विक संस्था के पास केस नंबर दर्ज होने और हमारे कड़े रुख के बाद होस्टिंगर के मैनेजमेंट पर दबाव साफ़ देखा जा सकता है। उनकी सिक्योरिटी टीम की सदस्य शेल्वी (Shelvi) की तरफ से जो ईमेल आया (जैसा कि स्क्रीनशॉट 1000081901.jpg में साफ़ दिख रहा है), उसमें उन्होंने स्वीकार किया कि मामला पूरी तरह से “Security and Compliance team” के एक्सक्लूसिव रिव्यू में चला गया है और ICANN केस रेफरेंस को हमारी मुख्य फाइल में जोड़ दिया गया है।

इसके तुरंत बाद, होस्टिंगर के एक अन्य सीनियर अधिकारी रे (Ray) का ईमेल आया (जैसा कि स्क्रीनशॉट 1000081922.jpg में दर्ज है), जिसमें उन्होंने हमारी दी गई मंगलवार दोपहर 12:00 बजे (IST) की अंतिम डेडलाइन और कानूनी कदमों (Legal Steps) की गंभीरता को स्वीकार करते हुए लिखा कि उनकी टेक्निकल और कम्प्लायंस टीमें डोमेन को वापस लाने के लिए “Immediate Override” (तुरंत रिस्टोर करने) का प्रयास कर रही हैं।


📣 ब्रेकिंग अपडेट: लाइव रिपोर्ट पब्लिश होते ही होस्टिंगर की टीम पूरी तरह बैकफुट पर!

जैसे ही हमने इस पूरे डोमेन फ्रॉड केस की लाइव इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट पब्लिश करके होस्टिंगर के अधिकारियों को भेजी, कंपनी के भीतर का टेक्निकल रिपॉन्स पूरी तरह बदल गया और वे चौतरफा दबाव में आ गए हैं। सपोर्ट एजेंट घरेला (Gherella) की तरफ से आए सबसे ताज़ा आधिकारिक ईमेल (जैसा कि स्क्रीनशॉट 1000081957.jpg में साफ़ देखा जा सकता है) ने इस बात की पुष्टि कर दी है।

घरेला ने लिखित रूप में माना है कि हमारी लाइव इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट का लिंक और प्रस्तुत किए गए नए तकनीकी तथ्य उनके Technical और Compliance teams के हाई-लेवल रिव्यू में शामिल कर लिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि ये सारे विवरण गोडैडी (GoDaddy) के साथ चल रहे कोऑर्डिनेशन और अंतिम असेसमेंट के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण (critical) हैं।

जनता के सामने सच आने का यह सीधा असर है कि जो लीगल टीम कल तक लाचारी का बहाना बना रही थी, वह आज गोडैडी के साथ अगले तकनीकी कदमों पर काम करने के लिए मजबूर हो गई है।

(यहाँ पर अपनी इमेज 1000081957.jpg इन्सर्ट कर दें)


❓ होस्टिंगर की सुरक्षा, एथिक्स और कॉरपोरेट गवर्नेंस पर 7 सबसे गंभीर सवाल

एक प्रोफेशनल वेब डेवलपर, डिजिटल एसेट इन्वेस्टर और पब्लिशर होने के नाते, मैं इस विस्तृत केस स्टडी के माध्यम से होस्टिंगर की कार्यप्रणाली पर ये सात सीधे और कड़े सवाल उठाता हूँ:

  1. सरकारी पहचान पत्रों और बैंक स्टेटमेंट की होस्टिंगर की नज़र में क्या वैल्यू है? जब एक असली ग्राहक अपनी वैध पहचान साबित करने के लिए देश के सबसे प्रामाणिक दस्तावेज दे रहा है, तो होस्टिंगर की लीगल टीम ने उन्हें किस आधार पर खारिज कर दिया? क्या कोई भी फर्जी पीडीएफ इन सरकारी दस्तावेजों से बड़ा हो गया?
  2. रिपोर्ट करने के बावजूद 1.5 महीने तक डोमेन को ट्रांसफर लॉक न करना क्या घोर लापरवाही नहीं है? जब मैं लगातार डोमेन चोरी की रिपोर्ट कर रहा था, तो होस्टिंगर ने इस पर लॉक क्यों नहीं लगाया, जिससे चोर को डोमेन गोडैडी पर ट्रांसफर करने का खुला मौका मिल गया? इस सुरक्षा चूक की वित्तीय जिम्मेदारी कौन लेगा?
  3. 460+ चैट्स और ईमेल्स का रिकॉर्ड क्या महज़ एक टाइम-पास मज़ाक था? पिछले 2 महीनों से अधिक समय के दौरान किए गए 460 से ज्यादा कम्युनिकेशन्स में जो सच सामने आया था, उसे एक झटके में टॉमस (Tomas) नाम के अधिकारी ने कुछ ही घंटों में कैसे अनदेखा कर दिया?
  4. एक ही दिन में सुबह कुछ और और दोपहर में ठीक उसका उल्टा फैसला क्यों? सुबह डोमेन वापस क्रेडिट करने की बात करना और दोपहर में टॉमस का कहना कि चोर का दावा वैध है—क्या होस्टिंगर का कम्प्लायंस विभाग पूरी तरह भ्रमित है?
  5. गोडैडी के Incident ID: 935631 और Claim ID: DCU101376714 पर होस्टिंगर ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की? जब गोडैडी खुद मान रहा है कि पिछले रजिस्ट्रार को उनसे संपर्क साधना होगा, तो होस्टिंगर की कम्प्लायंस टीम हफ़्तों तक इस मामले को क्यों लटकाए रही?
  6. क्या होस्टिंगर साइबर अपराधियों और डोमेन चोरों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दे रहा है? बिना किसी अदालत के आदेश के, होस्टिंगर की लीगल टीम ने खुद ही जज बनकर एक साइबर चोर के पक्ष में फैसला सुना दिया। क्या यह डिजिटल फ्रॉड करने वालों का खुला समर्थन नहीं है?
  7. ग्राहक की मानसिक और व्यावसायिक प्रताड़ना का जिम्मेदार कौन है? 2 महीने से अधिक समय तक अपने एजेंट्स के माध्यम से झूठे दिलासे देकर ग्राहक को रात-रात भर जगाना, 460 से ज्यादा बार दौड़ाना और अंत में पल्ला झाड़ लेना, क्या यह एक प्रीमियम कंपनी के एथिक्स में आता है?

🚨 अंतिम कड़ा व्यावसायिक कदम: 100+ वेबसाइट्स का मास-माइग्रेशन और कानूनी आर-पार की लड़ाई

होस्टिंगर के इस बेहद गैर-जिम्मेदाराना, निराशाजनक और असुरक्षित रवैये के बाद, मैंने और मेरी टीम ने यह आधिकारिक और व्यावसायिक निर्णय लिया है कि हम इस प्लेटफॉर्म से अपना पूरा नाता तोड़ रहे हैं। एक निवेशक के रूप में सुरक्षा हमारे बिजनेस मॉडल की पहली और आखिरी शर्त है। जो कंपनी अपने एक पुराने और बड़े क्लाइंट के एक सिंगल डोमेन की रक्षा नहीं कर सकती और हैकर्स के जाली कागजों के झांसे में आ जाती है, वहां हमारी बाकी डिजिटल संपत्तियों का पूरा बिजनेस नेटवर्क और संवेदनशील डेटा हर सेकंड गंभीर खतरे में है। हम ऐसा वित्तीय रिस्क बिल्कुल नहीं ले सकते।

इसलिए, हम वर्तमान में अपने नेटवर्क और क्लाइंट्स की 100+ से अधिक वेबसाइट्स, वर्डप्रेस ब्लॉग्स and डोमेन्स को होस्टिंगर के सर्वर्स और होस्टिंग प्लान्स से हमेशा के लिए समेट रहे हैं। हम इन सभी 100+ वेबसाइट्स को GoDaddy और अन्य अत्यधिक सुरक्षित, विश्वसनीय कॉरपोरेट रजिस्ट्रार के पास बड़े पैमाने पर माइग्रेट (Mass Migration) कर रहे हैं।

इसके साथ ही, मैं इस जालसाज हैकर संदीप के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई को कमजोर नहीं होने दूंगा। मैंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर डिजिटल चोरी, अवैध पहुंच (Unauthorized Access), साइबर फ्रॉड और जाली दस्तावेज तैयार करने (Forgery and Fabricating Documents under IPC and IT Act) के तहत एक औपचारिक आपराधिक शिकायत (Official Criminal Complaint) दर्ज करा दी है।

जैसे ही मुझे इस केस से जुड़ी कानूनी पावती और एफआईआर की कॉपी मिलेगी, मैं उसे पब्लिक डोमेन, टेक फोरम्स, फाइनेंशियल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होस्टिंगर के पूरे चैट सपोर्ट ट्रेल और ICANN Case #01597047, GoDaddy Claim ID: DCU101376714GoDaddy Incident: 935631 के दस्तावेजी सबूतों के साथ सार्वजनिक करूँगा।

सभी भारतीय ब्लॉगर्स, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और डिजिटल निवेशकों के लिए अंतिम वित्तीय चेतावनी: अगर आप भी होस्टिंगर की ब्रांडिंग और विज्ञापनों पर भरोसा करके अपनी मुख्य वेबसाइट्स वहां होस्ट करके बैठे हैं, तो आज ही सावधान हो जाइए। आपके पास चाहे जितने भी असली डिजिटल बिल और पेमेंट्स के सबूत क्यों न हों, अगर कोई शातिर हैकर आपकी साइट चुराकर होस्टिंगर के सामने कोई भी जाली कागज पेश कर देगा, तो होस्टिंगर का लीगल सिस्टम आपकी ओनरशिप को खारिज करके आपका डोमेन उस चोर को सौंप देगा। अपनी डिजिटल संपत्ति (Digital Properties) को सुरक्षित करना है, तो एक सुरक्षित और ज़िम्मेदार विकल्प तलाशना शुरू कर दीजिए!

Table of Contents

1 thought on “Hostinger Cyber Security Failure: क्या सेंट्रलाइज्ड रजिस्ट्रार पर आपकी डिजिटल वित्तीय संपत्तियां (Digital Assets) सुरक्षित हैं?”

Leave a Comment